:
Breaking News

दरभंगा के केवटी BDO चन्द्रमोहन पासवान पर EOU की बड़ी कार्रवाई, आय से अधिक संपत्ति मामले में 6 ठिकानों पर छापेमारी

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

दरभंगा के केवटी BDO चन्द्रमोहन पासवान के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई ने आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई की है। छह ठिकानों पर छापेमारी कर करोड़ों की संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है।

दरभंगा/आलम की खबर:दरभंगा जिले में प्रशासनिक और सरकारी महकमे में उस समय हड़कंप मच गया जब आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने केवटी प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) चन्द्रमोहन पासवान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई शुरू की। बुधवार की सुबह एक साथ छह अलग-अलग ठिकानों पर हुई छापेमारी ने न केवल विभागीय स्तर पर हलचल बढ़ा दी बल्कि पूरे इलाके में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर EOU ने यह कदम उठाया है, जिसमें अधिकारी पर अपनी ज्ञात आय से करीब 89 लाख 13 हजार 500 रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया है। यह राशि उनकी वैध आय से लगभग 81 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है, जिसे जांच एजेंसी ने गंभीर आर्थिक अनियमितता की श्रेणी में रखा है।

आर्थिक अपराध इकाई द्वारा दर्ज कांड संख्या-09/26 के तहत यह पूरी कार्रवाई की जा रही है। जानकारी के अनुसार विश्वसनीय सूत्रों से मिली शिकायतों और लंबे समय तक चली निगरानी के बाद मामले का सत्यापन किया गया, जिसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) और 13(1)(बी) के तहत केस दर्ज किया गया। इसके बाद विशेष न्यायालय निगरानी, मुजफ्फरपुर से तलाशी वारंट प्राप्त कर EOU की अलग-अलग टीमों ने एक साथ कई ठिकानों पर दबिश दी।

छापेमारी के दायरे में दरभंगा जिले के बहादुरपुर स्थित उनका आवास और व्यावसायिक भवन, मधुबनी जिले के बाबूबरही स्थित पैतृक घर और व्यवसायिक परिसर, केवटी प्रखंड स्थित सरकारी कार्यालय और सरकारी आवास सहित कुल छह स्थान शामिल बताए जा रहे हैं। सभी स्थानों पर पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में जांच टीमों ने एक साथ कार्रवाई शुरू की, जिससे किसी भी प्रकार की सूचना लीक होने या दस्तावेजों में हेरफेर की संभावना को रोका जा सके।

छापेमारी के दौरान टीमों ने विभिन्न महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया है। इनमें जमीन-जायदाद से संबंधित कागजात, बैंक खातों का विवरण, निवेश से जुड़े रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य वित्तीय दस्तावेज शामिल हैं। शुरुआती जांच में कई संदिग्ध लेनदेन और संपत्ति निवेश से जुड़े सुराग मिलने की बात भी सामने आ रही है, हालांकि EOU ने अभी इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी तलाशी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।

इस कार्रवाई के बाद दरभंगा और मधुबनी क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। स्थानीय लोगों के बीच भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि एक वरिष्ठ प्रखंड विकास पदाधिकारी पर इतनी बड़ी कार्रवाई को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे जांच का हिस्सा मानकर देख रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, आर्थिक अपराध इकाई पिछले कई महीनों से चन्द्रमोहन पासवान की संपत्तियों, बैंकिंग लेनदेन और वित्तीय गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान संदिग्ध संपत्ति अर्जन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इनपुट सामने आए, जिनकी पुष्टि के बाद यह छापेमारी की गई। जांच एजेंसी अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित अवैध संपत्ति किन स्रोतों से अर्जित की गई और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की भूमिका भी शामिल है।

बिहार में पिछले कुछ समय से आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के मामलों में जांच एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं। कई वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई पहले भी हो चुकी है, जिससे सरकारी तंत्र में जवाबदेही को लेकर संदेश दिया जा रहा है। EOU की यह ताजा कार्रवाई भी इसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है।

फिलहाल सभी छह ठिकानों पर तलाशी अभियान जारी है और टीमों द्वारा दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस मामले में और भी बड़े वित्तीय खुलासे सामने आ सकते हैं, जो इस पूरे प्रकरण को और गंभीर बना सकते हैं।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *